ये नयापन तो बस ज़बानी है
वक़्त की हर अदा पुरानी है
कौन रोया है बोल ऐ कुदरत
आज दरया में खूब पानी है
दिल किसी एक में नहीं लगता
ये लड़कपन है या जवानी है
हर तरफ सांप घूमते देखे
किसके आँगन में रातरानी है
आप ईमान का करें सौदा
हम करें तो ये बेइमानी है
वक़्त की हर अदा पुरानी है
कौन रोया है बोल ऐ कुदरत
आज दरया में खूब पानी है
दिल किसी एक में नहीं लगता
ये लड़कपन है या जवानी है
हर तरफ सांप घूमते देखे
किसके आँगन में रातरानी है
आप ईमान का करें सौदा
हम करें तो ये बेइमानी है